सोना गिरवी रखा है और अब ब्याज का हिसाब समझ नहीं आ रहा? — यह दिक्कत बहुत आम है। ज़्यादातर लोग जो सोना गिरवी रखते हैं, उन्हें पता ही नहीं होता कि ब्याज कैसे जुड़ता है। बस जो बोल दिया, वो भर दिया।
Gold Loan का ब्याज कैसे निकालें?
Formula: ब्याज = (लोन राशि × ब्याज दर × महीने) ÷ (12 × 100)
उदाहरण: ₹1,00,000 का लोन, 12% सालाना, 6 महीने = ₹6,000 ब्याज
LTV Ratio: ₹2.5L तक = 85% | ₹2.5-5L = 80% | ₹5L+ = 75% (RBI Rule)
सबसे सस्ता: SBI/PNB (8-10% p.a.) | महंगा: Muthoot (10-22%) | सबसे महंगा: साहूकार (24-36%)
सबसे पहले ये समझ लें कि आपको सोने की पूरी कीमत का लोन कभी नहीं मिलेगा। RBI (Reserve Bank of India) का एक सख्त नियम है जिसे LTV Ratio (Loan-to-Value Ratio) कहते हैं।
सीधी भाषा में — अगर आपका सोना ₹1,00,000 का है, तो बैंक पूरे ₹1 लाख नहीं देगा। RBI ने तय किया है:
| लोन राशि | LTV Ratio (कितना % मिलेगा) | उदाहरण (₹1 लाख के सोने पर) |
|---|---|---|
| ₹2.5 लाख तक | 85% | ₹85,000 तक लोन |
| ₹2.5 लाख से ₹5 लाख | 80% | ₹80,000 तक लोन |
| ₹5 लाख से ऊपर | 75% | ₹75,000 तक लोन |
📝 ध्यान रखें: ये नियम RBI ने बनाया है, इसलिए ये सभी बैंकों और फाइनेंस कंपनियों पर लागू होता है। कोई भी — चाहे SBI हो, Muthoot हो, या गाँव का साहूकार — इससे ज़्यादा लोन नहीं दे सकता (कानूनी तौर पर)।
अब आता है असली सवाल — "मेरा कितना ब्याज लगेगा?"। इसका फॉर्मूला बहुत सीधा है:
यहाँ ब्याज दर = सालाना (Annual) % में
मान लें आपने ₹1,00,000 का Gold Loan लिया, ब्याज दर है 12% सालाना, और आपको 6 महीने बाद छुड़ाना है।
Step 1: सालाना ब्याज = ₹1,00,000 × 12 ÷ 100 = ₹12,000
Step 2: 1 महीने का ब्याज = ₹12,000 ÷ 12 = ₹1,000
Step 3: 6 महीने का ब्याज = ₹1,000 × 6 = ₹6,000
✅ कुल चुकाना होगा: ₹1,00,000 (मूलधन) + ₹6,000 (ब्याज) = ₹1,06,000
बस! यही फॉर्मूला है। अगर आपको ब्याज निकालने का तरीका विस्तार से समझना है, तो हमारी वो पोस्ट भी पढ़ लें।
ज़्यादातर Finance कंपनियाँ (Muthoot, Manappuram) ब्याज रोज़ाना (Daily) के हिसाब से जोड़ती हैं, महीने के नहीं। इसलिए अगर आप 6 महीने 10 दिन बाद छुड़ाएं, तो वो 10 दिनों का भी ब्याज अलग से लगेगा।
Daily Interest Formula:
= (₹1,00,000 × 12%) ÷ 365 = ₹32.87 प्रतिदिन
190 दिन (6 महीने 10 दिन) का ब्याज = ₹32.87 × 190 = ₹6,245
लोग अक्सर पूछते हैं — "Muthoot में दूँ या SBI में?"। दोनों के अपने फायदे-नुकसान हैं। मैं यहाँ बिना किसी का पक्ष लिए सीधी बात बताता हूँ:
| पैरामीटर | सरकारी बैंक (SBI/PNB) | Finance Company (Muthoot/Manappuram) | सुनार / साहूकार |
|---|---|---|---|
| ब्याज दर | 8% - 10% सालाना | 10% - 22% सालाना | 24% - 36% सालाना (2-3% महीना) |
| लोन मिलने का समय | 2-3 दिन (Processing slow) | 30 मिनट - 1 घंटा | तुरंत |
| Documents | Aadhaar, PAN, Photo, Signature | सिर्फ Aadhaar + Photo | कुछ नहीं |
| सोने की सुरक्षा | ✅ बैंक लॉकर (सबसे सुरक्षित) | ✅ Insurance + Vault | ❌ कोई गारंटी नहीं |
| Hidden Charges | कम (0.5% Processing Fee) | ज़्यादा (Custody, SMS, Auction) | सब कुछ Hidden |
| कब सही है? | लंबे समय के लिए (3-12 महीने) | Emergency में (1-3 महीने) | ❌ कभी नहीं (बचें) |
ये सबसे ज़रूरी सेक्शन है। ज़्यादातर लोग ब्याज तो जानते हैं, लेकिन इन छुपे हुए खर्चों से अनजान रहते हैं:
⚠️ सोने की ईंट (बिस्किट) पर SBI और ज़्यादातर बैंक लोन नहीं देते। सिर्फ सोने के गहने और बैंक के सिक्के ही चलते हैं।
लोन खत्म हुआ, पैसे भर दिए — अब सोना कब मिलेगा? RBI ने ये भी तय किया है:
और अगर लोन बंद करने के बाद NOC Application भी ले लें तो भविष्य में कभी कोई दिक्कत नहीं आएगी।
Financial Tool Expert & Founder of ByajCalculator.in
नमस्ते! मैं दिनेश कुमार हूँ। बैंकिंग और ग्रामीण वित्त (Rural Finance) में मुझे 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है। मैंने देखा है कि सही जानकारी न होने के कारण लोग अक्सर ब्याज गणना में गलती कर बैठते हैं। इसी समस्या को सुलझाने के लिए मैंने ByajCalculator.in की शुरुआत की है, ताकि किसान भाई और छोटे व्यापारी आसानी से अपनी ब्याज गणना कर सकें।
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