EMI Bounce Charges 2026: 1 महीने की ईएमआई बाउंस होने पर क्या होगा? (Bajaj, HDFC, SBI)

📅 Updated: 07 April 2026 👤 Dinesh Kumar ⏱ 6 Min Read
EMI Bounce Charges Penalty List 2026

जब भी कोई इंसान लोन (Loan) लेता है—चाहे वह पर्सनल लोन हो, बाइक का लोन या कोई मोबाइल फाइनेंस—तो हर महीने की एक तारीख तय होती है जिसमें बैंक खाते से अपने आप पैसे कटते हैं। लेकिन, कई बार बैंक खाते में पैसे नहीं होते हैं और ईएमआई (EMI) कट नहीं पाती। इसे ही कहते हैं EMI Bounced होना।

सवाल यह आता है कि: ईएमआई बाउंस का क्या मतलब होता है? आसान भाषा में, जब आपके बैंक खाते में पर्याप्त राशि (Insufficient Funds) नहीं होती है, तो आपकी किस्त वापस (Return) लौट जाती है। और इसके बाद शुरू होता है पेनाल्टी (Penalty) और चार्जेज का खेल!

अगर मैं 1 महीने की ईएमआई नहीं दे पा रहा हूँ, तो क्या होगा? सबसे पहले तो फाइनेंस कंपनी (जैसे Bajaj या HDFC) आपसे भारी 'Bounce Charge' वसूलेगी, दूसरा आपका अपना बैंक 'NACH Return Charge' काटेगा, और तीसरा—आपका सिबिल स्कोर धड़ाम से गिरेगा। आइए 2026 के ताज़ा और अपडेटेड नियमों के अनुसार ईएमआई बाउंस होने पर कितना शुल्क लगता है, इसकी पूरी लिस्ट समझते हैं।

Bajaj Finance EMI bounce charges 2026

Bajaj Finance भारत की सबसे बड़ी फाइनेंस कंपनियों में से एक है। अगर आपने कोई Consumer Durable सामान (TV, फ्रिज) या मोबाइल बजाज कार्ड (EMI Card) से लिया है, तो इनके चार्जेज आपको परेशान कर सकते हैं।

2026 के नियमों के अनुसार:

  • Standard Bounce Charge: हर बाउंस पर बजाज फाइनेंस ₹450 से लेकर ₹500 तक (GST सहित) का चार्ज लेता है।
  • Penal Interest: सिर्फ बाउंस चार्ज ही नहीं, जितने दिन आप लेट पेमेंट करेंगे, उस बकाया राशि पर सालाना 24% से 36% तक का पेनल इंटरेस्ट (Penal Interest) भी जोड़ा जाता है।

स्मार्ट टिप: जिस दिन आपकी ईएमआई की डेट हो (अक्सर 2 या 5 तारीख), उससे एक दिन पहले ही खाते में बैलेंस मेन्टेन रखें। वरना बैंक का माइनस बैलेंस (Negative Balance) आपका जीना हराम कर सकता है।

HDFC and HDB Finance EMI bounce charges

अगर आपने HDFC Bank या उनकी सब्सिडियरी NBFC (HDB Financial Services) से टू-व्हीलर लोन या पर्सनल लोन लिया है, तो उनका रवैया इस मामले में काफी सख्त है।

फायनांस कंपनी / बैंक औसत बाउंस चार्ज (प्रति किश्त)
HDFC Bank (Auto/Personal Loan) ₹500 - ₹590 (GST शामिल)
HDB Financial Services लगभग ₹500 + पेनल इंटरेस्ट

HDFC बैंक में लगातार दो बार किस्त बाउंस होने पर आपको कलेक्शन एजेंट्स के कॉल्स आना शुरू हो जाते हैं। अगर आप किसी फर्जी लोन ऐप के चक्कर में फंसे हैं और वहां बाउंस हो रहा है, तो कोई लीगल चार्ज नहीं लगता, लेकिन यह बैंक के रजिस्टर्ड लोन पर भारी पड़ता है।

SBI NACH / ECS Return Charges 2026 (डबल पेनाल्टी सस्पेंस!)

दिनेश भाई के अनुभव से आपको एक अंदर की बात बताता हूँ जो कोई बैंक नहीं बताता। मान लीजिए आपका लोन बजाज से है, लेकिन पैसा SBI (State Bank of India) के खाते से कटता है। ईएमआई बाउंस होने पर:

  • Bajaj Finance अपना चार्ज लगाएगी: ₹500
  • लेकिन SBI क्या करेगा? आपका SBI बैंक भी "ECS Mandate / NACH Return" फीस के नाम पर ₹250 + 18% GST (करीब ₹295) काट लेगा!

यानी कुल मिलाकर आपको एक महीने की किस्त न चुकाने पर कम से कम ₹800 तक की डबल पेनाल्टी झेलनी पड़ जाती है।

Bajaj Finserv mobile EMI bounce charges payment

अगर आपकी बजाज की ईएमआई बाउंस हो गई है और अब आप उस पर लगा चार्ज और किस्त ऑनलाइन भरना चाहते हैं, तो यह तरीका अपनाएं:

  1. सबसे पहले Bajaj Finserv Mobile App (या My Account portal) डाउनलोड करें या खोलें।
  2. अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉग इन करें (OTP डालकर)।
  3. 'My Relations' या 'Loans' वाले सेक्शन में जाएँ।
  4. वहाँ आपका ओवरड्यू लोन (Overdue Loan) लाल रंग में हाईलाइट होगा।
  5. 'Pay Now' पर क्लिक करें। वहां आपके सामने EMI Amount + Bounce Charge + Penal Interest सबका टोटल दिखाई देगा।
  6. आप UPI (PhonePe, GPay), डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग से इस Bajaj Finserv mobile EMI bounce charges payment को क्लियर कर सकते हैं।

1 Kist Bounce Hone Par CIBIL Score Kitna Kam Hota Hai?

लोग पेनाल्टी के 500 रुपये से उतना नहीं डरते, जितना सिबिल स्कोर खराब होने से डरते हैं। अगर आपकी 1 ईएमआई बाउंस होती है और आप 30 दिन के अंदर उसे भर देते हैं (उसे DPD 30 कहते हैं), तो आपका CIBIL Score 15 से 30 पॉइंट्स तक नीचे गिर सकता है!

अगर आप इसे 90 दिन तक नहीं भरते हैं, तो लोन को NPA मान लिया जाएगा और 60 पॉइंट्स से भी ज्यादा का नुकसान हो सकता है, जिससे भविष्य में KCC Loan (किसान क्रेडिट कार्ड) या होम लोन मिलना असंभव हो जाएगा। बाउंस होने के बाद अपना इम्पैक्ट देखने के लिए, अपना फ्री सिबिल चेक करें और समय रहते इसे रिकवर करें।

Bounce Charges Waive Off Application in Hindi

अगर आपकी ईएमआई किसी मेडिकल इमरजेंसी, सैलरी लेट होने या किसी जायज़ मजबूरी की वजह से बाउंस हुई है, तो आप ब्रांच मैनजेर को यह "वेवर माफ़ करने की एप्लीकेशन" लिखकर दे सकते हैं। कई बार अच्छी सिबिल हिस्ट्री होने पर बैंक वाले Bounce Charge Waive Off (माफ़) कर देते हैं।

प्रति,
शाखा प्रबंधक (Branch Manager)
[बैंक / फाइनेंस कंपनी का नाम]
[शाखा का पूरा पता]

विषय: EMI बाउंस चार्जेज और पेनाल्टी माफ़ करने हेतु आवेदन (Waive Off Request)।

महोदय,
सविनय निवेदन है कि मेरा नाम [आपका नाम] है और मैंने आपकी शाखा से एक [Personal/Two Wheeler] लोन लिया है, जिसका लोन अकाउंट नंबर [आपका Loan Number] है।

मेरी हर महीने की ईएमआई [तारीख] को कटती है। लेकिन इस महीने कुछ मेडिकल इमरजेंसी / सैलरी देरी के कारण मेरे बैंक खाते में अचानक पर्याप्त राशि नहीं रही, जिसके चलते मेरी ईएमआई बाउंस हो गई है और मेरे खाते में [बाउंस चार्ज का अमाउंट] रुपये पेनाल्टी के रूप में जोड़ दिए गए हैं।

मैं अपना पिछला सारा लोन रिकॉर्ड बिलकुल साफ (Clean Record) रखता हूँ और मैंने कभी किसी किस्त में देरी नहीं की है। चूँकि यह गलती अनजाने में हुई है, अतः आपसे मेरा विनम्र निवेदन है कि कृपया मेरे खाते पर लगाए गए बाउंस चार्जेज को माफ़ (Waive Off) करने की कृपा करें।

मैंने अपनी रुकी हुई EMI राशि पहले ही खाते में जमा कर दी है।

सधन्यवाद!
आपका विश्वासी,
नाम: [आपका नाम]
लोन अकाउंट नंबर: [Loan Number]
मोबाइल नंबर: [Mobile Number]
दिनांक: [Date]
हस्ताक्षर: ____________

निष्कर्ष: अगर 1 महीने की ईएमआई बाउंस हो जाती है तो सबसे पहले पेनिक न करें। जितना जल्दी हो सके ऑनलाइन ऐप या ब्रांच में जाकर अपनी ईएमआई + 500 रुपये बाउंस चार्ज भर दें। अगर वजह जेन्युइन है, तो बैंक में ऊपर दी गई एप्लीकेशन लगाकर उन पैसों को रिवर्स (Reverse) भी करवा सकते हैं!

FAQ: अधिकतर पूछे जाने वाले सवाल

2026 के नियमों के अनुसार ज़्यादातर बैंक और NBFC (जैसे Bajaj या HDFC) प्रति बाउंस ₹450 से लेकर ₹600 तक का चार्ज लेते हैं। साथ ही आपका सेविंग बैंक भी NACH return charges (लगभग ₹295) काटता है।

अगर आप बाउंस चार्ज क्लियर नहीं करते हैं, तो वह बकाया राशि (Overdue amount) में जुड़ जाता है और बैंक उस पर 24% से 36% तक का पेनल इंटरेस्ट (Late fine) लगाना शुरू कर देता है। इससे आने वाले महीने की किस्त भी इफेक्ट होती है।

जी हाँ, 1 किस्त बाउंस होते ही सिबिल में "DPD" (Days Past Due) मार्क हो जाता है जिससे आपका सिबिल स्कोर 20 से 30 पॉइंट्स तक नीचे गिर सकता है। अगर आपने 30 दिन के अंदर पैसे भर दिए, तो नुकसान कम होता है।
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Dinesh Kumar
Dinesh Kumar

Financial Tool Expert & Founder of ByajCalculator.in

नमस्ते! मैं दिनेश कुमार हूँ। बैंकिंग और ग्रामीण वित्त (Rural Finance) में मुझे 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है। मैंने देखा है कि सही जानकारी न होने के कारण लोग अक्सर ब्याज गणना में गलती कर बैठते हैं। इसी समस्या को सुलझाने के लिए मैंने ByajCalculator.in की शुरुआत की है, ताकि किसान भाई और छोटे व्यापारी आसानी से अपनी ब्याज गणना कर सकें।

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