क्या आप भी यह सोचकर परेशान हैं कि ब्याज कैसे निकालें (Byaj kaise nikale)?
सच बताऊँ? जब हम किसी से पैसा उधार लेते हैं, तो लेने में तो मज़ा आता है। लेकिन जब देने की बारी आती है, तब सिरदर्द शुरू होता है। "यार, इसने कितना जोड़ा? कहीं ज्यादा तो नहीं मांग रहा?" क्या आपको भी कभी ऐसा डर लगा है?
मैं भी पहले बहुत उलझन में रहता था। गणित (Maths) मेरा वैसे भी कमजोर है।
लेकिन दोस्तों, आज मैं आपको बिल्कुल सरल भाषा में समझाऊँगा। अगर आप साधारण ब्याज का सूत्र PDF ढूंढ रहे हैं या बस कॉपी-पेन पर मुनाफा (ब्याज) जोड़ना चाहते हैं, तो यह पोस्ट आपके लिए ही है।
यहाँ मैं आपको 3 तरीके बताऊँगा। और हाँ, आखिरी वाला 'साधारण फोन' वाला तरीका मेरा पसंदीदा है!
सच कहूँ तो: सबसे तेज और सही तरीका यही है क्योंकि इसमें गलती होने का चांस 0% है। अगर आप गणित के चक्कर में नहीं पड़ना चाहते, तो बस टूल (कैलकुलेटर) का इस्तेमाल करें।
उफ्फ, मुझे बहुत गुस्सा आता है जब लोग घंटों तक कागज पर गुणा-भाग करते हैं और फिर भी गलत रिजल्ट निकालते हैं। क्यों दिमाग लगाना जब आज के ज़माने में टेक्नोलॉजी है?
अगर आपको तुरंत रिजल्ट चाहिए बिना किसी सिरदर्द के, तो नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें। यह हमारा मेन कैलकुलेटर है जो गाँव के (मासिक) ब्याज का हिसाब बिल्कुल सही करता है।
असली बात यह है: अगर आप फोन पर भरोसा नहीं करते और कॉपी-पेन पर पक्का हिसाब करना चाहते हैं, तो आपको एक आसान सूत्र याद रखना होगा।
लोग इसे "Interest Formula" कहते हैं, पर मैं इसे "उधार का खर्चा" निकालने की चाबी कहता हूँ। कई ब्लॉग बहुत मुश्किल बातें बताते हैं, पर क्या वो सच हैं? नहीं, बस यह आसान चीज़ याद रखें:
ब्याज = (मूलधन × दर × समय) / 100
थोड़ा और आसान करूँ? नीचे दी गयी टेबल देखें:
| हिन्दी शब्द | मतलब | और क्या कहते हैं? |
|---|---|---|
| मूलधन | जो पैसा आपने उधार लिया | रकम |
| दर | ब्याज का रेट (जैसे 2 रुपये सैकड़ा) | सूद का भाव |
| समय | कितने समय के लिए पैसा लिया | अवधि (महीने) |
जरूरी बात (Pro Tip): गाँव में हमेशा "महीने" का हिसाब होता है, साल का नहीं। इसलिए 'समय' में महीने ही लिखना।
मेरी राय: 1 साल का ब्याज निकालने के लिए आपको महीनों को 12 से गुणा करना पड़ेगा, सीधा साल का इंट्रेस्ट मत जोड़ना।
मैं आपको एक किस्सा सुनाता हूँ। मैंने एक बार गलती की थी। मैंने सोचा "1 साल" है, तो सीधा बैंक की तरह कैलकुलेट कर दिया। मैंने बैंक वाला तरीका लगाया, और रिजल्ट गलत (कम पैसा) आया। पिताजी ने डांट लगाई कि, "बेटा, गाँव में ब्याज महीने के हिसाब से जुड़ता है, बैंक की तरह नहीं!" तो बस, धोखा खाकर ही मैंने सीखा।
मान लीजिए आपने 1 लाख रुपये (Cash) लिए हैं और रेट 2% (Credit cost) है।
हिसाब ऐसे करें:
कैलकुलेशन:
1,00,000 × 2 × 12 = 24,00,000
24,00,000 ÷ 100 = 24,000
तो आपकी बढ़ोत्तरी (extra money) या ब्याज हुआ: 24,000 रुपये।
राज की बात: आपके पास पुराना वाला कीपैड फोन हो या नया स्मार्टफोन, आप बिना इंटरनेट के भी कैलकुलेटर ऐप में हिसाब कर सकते हैं।
वाह! मुझे यकीन नहीं होता कि यह तरीका इतना आसान है, यह तब बहुत काम आता है जब इंटरनेट न चल रहा हो। कई बार हमें लगता है कि कोई ऐप चाहिए, पर साधारण कैलकुलेटर काफी है।
स्टेप्स (ऐसे करें):
* (गुणा) दबाएं और दर लिखें (जैसे 3)।* (गुणा) दबाएं और महीने लिखें (जैसे 6)।% (प्रतिशत) का बटन दबा दें।(नोट: अगर आपके छोटे फोन में % बटन नहीं है, तो चिंता मत करो। बस / (भाग) दबाकर
100 लिख दो। रिजल्ट वही आएगा।)
दोस्तों, यह था ब्याज (Interest) निकालने का आसान तरीका।
ईमानदारी से कहूँ, तो मैं तो कहता हूँ कि दिमाग पर जोर मत डालो। अगर आप मेरी तरह थोड़े आलसी हो और फ़टाफ़ट रिजल्ट चाहते हो, तो अभी हमारे होमपेज पर जाओ और टूल इस्तेमाल करो।
क्योंकि पैसों (finance) के मामले में गलती की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
Financial Tool Expert & Founder of ByajCalculator.in
नमस्ते! मैं दिनेश कुमार हूँ। बैंकिंग और ग्रामीण वित्त (Rural Finance) में मुझे 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है। मैंने देखा है कि सही जानकारी न होने के कारण लोग अक्सर ब्याज गणना में गलती कर बैठते हैं। इसी समस्या को सुलझाने के लिए मैंने ByajCalculator.in की शुरुआत की है, ताकि किसान भाई और छोटे व्यापारी आसानी से अपनी ब्याज गणना कर सकें।
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